वीणा मानवी का नामांकन रद्द

Bihar Election: एक सिग्नेचर की वजह से वीणा मानवी का नामांकन रद्द, बांकीपुर में तेज प्रताप यादव की पार्टी को बड़ा झटका

Veena Manvi

बिहार की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। राजधानी पटना की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतरीं चर्चित समाज सेविका और तेज प्रताप यादव के संगठन/पार्टी की उम्मीदवार वीणा मानवी (Veena Manvi) का नामांकन पत्र रद्द हो गया है। हैरान करने वाली बात यह है कि यह कार्रवाई किसी बड़े आपराधिक या वित्तीय विवाद के कारण नहीं, बल्कि मात्र एक ‘सिग्नेचर’ (हस्ताक्षर) की तकनीकी त्रुटि के चलते की गई है। इस फैसले के बाद बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के राजनीतिक समीकरण पूरी तरह से बदल गए हैं और तेज प्रताप यादव के खेमे को एक बड़ा झटका लगा है।

क्यों और कैसे रद्द हुआ वीणा मानवी का नामांकन?

निर्वाचन आयोग द्वारा की गई स्क्रूटनी (नामांकन पत्रों की जांच) के दौरान यह पाया गया कि वीणा मानवी के हलफनामे (Affidavit) और नामांकन फॉर्म के एक बेहद महत्वपूर्ण कॉलम पर उनके हस्ताक्षर छूटे हुए थे। निर्वाचन अधिकारी (रिटर्निंग ऑफिसर) ने चुनाव आयोग के सख्त नियमों का हवाला देते हुए इस त्रुटि को अक्षम्य माना और उनके नामांकन को तत्काल प्रभाव से अमान्य (रद्द) घोषित कर दिया। इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए वीणा मानवी ने इसे एक छोटी सी मानवीय भूल बताया है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि इतनी छोटी सी तकनीकी गलती के कारण एक जन-प्रतिनिधि की उम्मीदवारी को खारिज करना लोकतंत्र में जनता की आवाज को दबाने जैसा है।

कौन हैं वीणा मानवी और क्यों है इतनी चर्चा? वीणा मानवी बिहार में कोई नया नाम नहीं हैं। वह ‘महिला विकास मंच’ नाम का एक प्रमुख संगठन चलाती हैं और एक जानी-मानी सामाजिक कार्यकर्ता हैं। ग्राउंड जीरो से लेकर सोशल मीडिया तक उनकी तगड़ी पकड़ है; सिर्फ फेसबुक पर ही उनके पांच लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। महिलाओं के अधिकारों और उनके खिलाफ होने वाले अपराधों पर मुखरता से अपनी आवाज उठाने के लिए वह अक्सर सुर्खियों में रहती हैं। बांकीपुर उपचुनाव के लिए उन्होंने पहले तेजस्वी यादव से आरजेडी (RJD) का टिकट मांगा था, लेकिन वहां से निराशा हाथ लगने के बाद उन्होंने तेज प्रताप यादव की जेजेडी का दामन थाम लिया था।

तेज प्रताप यादव और उनकी पार्टी के लिए क्यों है यह बड़ा झटका?

गौरतलब है कि वीणा मानवी को राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के वरिष्ठ नेता और लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव के विशेष संगठन ‘छात्र जनशक्ति परिषद’ और उससे समर्थित राजनीतिक मोर्चे का पूरा समर्थन प्राप्त था। तेज प्रताप यादव ने बांकीपुर सीट से वीणा मानवी को उतारकर इस सीट को बेहद दिलचस्प बना दिया था। सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहने के कारण वीणा मानवी की महिलाओं और युवाओं के बीच अच्छी पैठ मानी जा रही थी। तेज प्रताप खुद उनके प्रचार के लिए बड़ी रणनीति तैयार कर रहे थे, लेकिन अब नामांकन रद्द होने के कारण उनका पूरा चुनावी गणित गड़बड़ा गया है।

बांकीपुर सीट पर अब क्या होंगे राजनीतिक समीकरण?

बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र हमेशा से ही पटना का सबसे हॉट और चर्चित चुनावी अखाड़ा रहा है। वीणा मानवी के चुनावी रेस से बाहर होने के बाद अब यहां का मुकाबला सीधे तौर पर मुख्य प्रतिद्वंद्वियों के बीच सिमट गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वीणा मानवी के मैदान में रहने से महिला मतदाताओं और साइलेंट वोटर्स का एक बड़ा हिस्सा उनके पाले में जा सकता था, जिससे अन्य बड़ी पार्टियों के वोट बैंक में सेंधमारी तय थी। लेकिन अब उनके हटने से वोटों का ध्रुवीकरण सीधे तौर पर मुख्य गठबंधन दलों के पक्ष में होने की उम्मीद है। NewsNowIndia24 की टीम इस पूरे सियासी घटनाक्रम पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है।